परिचय
साहित्य लिखित रचना काव्याप का रूप है, परंतु उसमें समाज का विस्तृत स्वरूप प्रतिबिंबित होता है। यह मानव जीवन की अनुभूतियों, विचारों और सांस्कृतिक सृजनात्मक की वह अभिव्यक्ति है, जिससे शब्दों के माध्यम से उकेरा जाता है। कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास, निबंध आदि विधाएं समाज के अनुभवों को स्थूल रूप में प्रस्तुत करती है। इससे भाषा के सौंदर्य में वृद्धि तो होती ही है साथ ही उसे अर्थपूर्ण सृजनशीलता के माध्यम से समृद्ध किया जा सकता है। इसी उद्देश्य को पूर्ण करने हेतु विश्वविद्यालय परिसर में सत्र 2015-16 से हिंदी विभाग संचालित है।
प्रवेश के नियम
स्नातकोत्तर हिंदी पाठ्यक्रम में पूर्वार्ध एवं उत्तरार्ध में प्रवेश के लिए क्रमशः 20 सीट उपलब्ध हैं। जिसमें विभिन्न श्रेणियों में आरक्षण के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। स्नातक स्तर पर प्राप्तांकों के आधार पर मेरिट के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण की जाती है। प्रवेश प्रक्रिया की पूर्ण जानकारी यथासमय विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.mdsu.ac.in पर उपलब्ध करवा दी जाती है। प्रवेशित विद्यार्थियों को वांछित पात्रता के आधार पर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं का लाभ देय होता है।
पाठ्यक्रम का उद्देश्य
साहित्य व भाषा के क्षेत्र में ज्ञान के साथ जीविकोपार्जन का मार्ग प्रशस्त करने हेतु इस पाठ्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त स्नातकोत्तर हिंदी पाठ्यक्रम के उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
हिंदी शिक्षा शास्त्र
भाषाई कौशल को छात्रों में विकसित करना।
ग्रहणात्मक कौशल के माध्यम से छात्रों का बौद्धिक विकास करना।
हिंदी शिक्षण के उद्देश्य -
हिंदी साहित्य तथा हिंदी भाषा के शिक्षण का मुख्य उद्देश्य आत्माभिव्यक्ति, व्यवहारिक ज्ञान, सृजनात्मकता, भाषाई ज्ञान तथा साहित्यिक शोध को बढ़ावा देना है।
पाठ्येतर गतिविधियां-
छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु पुस्तकीय ज्ञान से इतर सृजनशीलता, आत्मविश्वास, नेतृत्व, प्रबंधन आदि में वृद्धि हेतु विभाग द्वारा खेल, कला, रंगमंच, प्रतियोगिता तथा शैक्षिक भ्रमण आदि का आयोजन समय-समय पर करवाया जाता है। इसके अतिरिक्त हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकारों की जयंतियों तथा पुण्यतिथियों के साथ ही हिंदी दिवस व अंतरराष्ट्रीय हिंदी दिवस सहित अन्य उपलक्ष्यों पर आयोजित गतिविधियां निम्नलिखित हैं- काव्य पाठ, कविता लेखन, कहानी लेखन, नाटक/ एकांकी/ कहानी मंचन, वीडियो निर्माण, नारा लेखन, वाद-विवाद, दोहा/ सूक्ति अंताक्षरी, पोस्टर निर्माण, आशु भाषण आदि का आयोजन विभाग द्वारा छात्रों की शारीरिक मानसिक तथा बौद्धिक विकास हेतु किया जाता रहा है।
| S.No. | Name | Father's Name | Course Name | Year | Current Employer | Current Post |
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