Seminar Organized on National Pollution Prevention Day
महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के पर्यावरण विज्ञान विभाग में राष्ट्रीय प्रदूषण निवारण दिवस के अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभाग के प्राध्यापकों, शोधार्थियों, बी.एससी. एवं एम.एससी. पर्यावरण विज्ञान के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर प्रवीन माथुर ने प्रदूषण निवारण दिवस के महत्व एवं उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी का उल्लेख करते हुए बताया कि यह दिवस हमें औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरणीय सतर्कता और मानवीय जीवन की रक्षा के लिए किए जाने वाले प्रयासों को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है। प्रो. माथुर ने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम न केवल प्रदूषण नियंत्रण की तकनीकों को अपनाएँ, बल्कि जागरूक नागरिक के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
कार्यक्रम में प्रोफेसर सुब्रतो दत्ता ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया की राष्ट्रीय प्रदूषण निवारण दिवस सिर्फ एक औपचारिकता नहीं बल्कि पर्यावरणीय चेतना को सशक्त करने का माध्यम है। आज की पीढ़ी को ऐसे उदाहरणों से सीख लेकर सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। पर्यावरण संरक्षण केवल वैज्ञानिकों का कार्य नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही संभव है।
कार्यक्रम में डॉ. शुभ्रा सिंह, डॉ. सुष्मिता चौधरी, डॉ. अनीमा शर्मा, रौनक चौधरी, कोमल नोगिया, कौशल रूपावत, निवेदिता शर्मा एवं पर्यावरण विज्ञान के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना और प्रदूषण निवारण के लिए व्यवहारिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करना था। अंत में विभागाध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।